कार के दरवाज़े का हैंडल वापस कैसे लगाएं: सबसे पहले दरवाज़े पर लगे तीन स्क्रू खोलें। ऊपर और नीचे वाले स्क्रू लॉक को अपनी जगह पर टिकाए रखते हैं। साथ ही, हैंडल को हाथ से पकड़ें ताकि वह गिर न जाए, और हैंडल और कवर को हटा दें। ध्यान दें कि कवर के स्क्रू ढीले नहीं हुए हैं और गायब हैं। अंदरूनी हैंडल लगाएं और स्क्रू के छेदों को बाहर की ओर घुमाएं। फिर स्क्रूड्राइवर से कस दें। इससे हैंडल अपनी जगह पर टिक जाएगा। सब कुछ हाथ से कई बार खींचकर देखें कि वह ठीक से लगा है या नहीं।
कभी-कभी दरवाज़े का हैंडल टूट जाता है, आप खुद कारण पता कर सकते हैं। आप दरवाज़े का पैनल खोलकर देख सकते हैं कि अंदर के पुर्जे जाम तो नहीं हैं। अगर जाम हैं, तो स्क्रूड्राइवर में थोड़ा मक्खन लगाकर देख सकते हैं। अगर इंडक्शन हैंडल जैसी किसी और समस्या के कारण खराबी है, तो यह उपयोगकर्ता की गलती नहीं है। आपको किसी गैरेज या 4S वर्कशॉप में जाना चाहिए, खुद गाड़ी न चलाएं। अनुभवहीनता के कारण अन्य पुर्जे आसानी से टूट सकते हैं, ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
अलग-अलग कार डिज़ाइनों में अलग-अलग प्रकार के दरवाज़े के हैंडल होते हैं। बाज़ार में उपलब्ध सामने के दरवाज़े का हैंडल ठोस होता है, इसकी मुख्य विशेषता इसकी मोटाई है; यह एक शुरुआती उत्पाद है।
दरवाजे का हैंडल निकल जाने पर उसे दोबारा लगाना ही एकमात्र उपाय है। लगाने की विधि इस प्रकार है: 1. कंट्रोल को ढीला करें; 2. फिलिप्स स्क्रूड्राइवर से नट को खोलें और उसे वामावर्त दिशा में घुमाकर ढीला करें। फ्लैट-ब्लेड स्क्रूड्राइवर से हैंडल ट्रिम बॉक्स और उसके अंदर के स्क्रू निकालें; डोर पैनल को हटाएँ; छोटे स्पीकर वायर और अंदरूनी पुल वायर को निकालें; फिर से हैंडल लगाएँ। डोर हैंडल के प्रकार: 1. सॉलिड डोर हैंडल: सॉलिड डोर हैंडल की मुख्य विशेषता इसकी मोटाई है, जो आजकल आम बात नहीं है। 3. हॉलो हैंडल: इस डोर हैंडल को पीछे से खोखला बनाया गया है, जिससे पारंपरिक हैंडल की सतह सिकुड़ने की समस्या दूर हो जाती है और हैंडल के मुड़ने और टेढ़ा होने की समस्या कम हो जाती है। 4. हॉलो हैंडल: इसमें बीच में खोखला हैंडल होता है। हॉलो डोर हैंडल का सांचा जटिल होता है, जिससे इसे बनाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।