हेडलैंप रखरखाव
1. दैनिक निरीक्षण: ध्यानपूर्वक जांचें कि स्टीयरिंग लैंप, फॉग लैंप, टेल लैंप आदि लैंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा, जांचें कि हेडलाइट की प्रकाश दिशा में कोई विचलन तो नहीं है, पर्याप्त रोशनी है या नहीं, और हेडलाइट की सीलिंग ठीक है या नहीं। समय रहते समस्याओं का पता लगाकर दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
2. बल्ब को नियमित रूप से बदलें: कार की बत्ती की भी एक निश्चित जीवन अवधि होती है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर, भले ही वह खराब न हो, उसकी रोशनी कम हो जाएगी और प्रकाश की दूरी भी घट जाएगी, जिससे रात में गाड़ी चलाने में परेशानी होगी। आमतौर पर, हेडलाइट बल्ब की चमक हर 50,000 किलोमीटर या 2 साल में कम हो जाती है।
3. लैंपशेड को नियमित रूप से साफ करें: गाड़ी चलाते समय लैंपशेड पर पानी या मिट्टी के छींटे पड़ना अपरिहार्य है। हालांकि लैंपशेड की सीलिंग बहुत अच्छी होती है, फिर भी उस पर लगे दाग न केवल वाहन की सुंदरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि रोशनी की स्थिति पर भी सीधा असर डालते हैं। इसलिए, लैंपशेड को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी जाती है।