अगर एयर फिल्टर तीन साल तक गंदा न हो तो क्या उसे बदलने की जरूरत है?
यदि एयर फिल्टर को लंबे समय तक नहीं बदला जाता है, तो जांच लें कि वह गंदा तो नहीं है। वाहन रखरखाव मैनुअल में दिए गए समय अंतराल के अनुसार इसे बदलने का निर्णय लेना उचित होगा। एयर फिल्टर की गुणवत्ता का मूल्यांकन केवल उसकी सतह की गंदगी से ही नहीं किया जाता, बल्कि इसकी वायु प्रतिरोध क्षमता और फ़िल्टर करने की क्षमता भी इंजन के वायु प्रवाह पर असर डालती है।
वाहन के एयर फिल्टर का काम सिलेंडर में प्रवेश करने वाली हवा में मौजूद हानिकारक अशुद्धियों को छानना है, जिससे सिलेंडर, पिस्टन, पिस्टन रिंग, वाल्व और वाल्व सीट का जल्दी घिसाव कम हो सके। यदि एयर फिल्टर में बहुत अधिक धूल जमा हो जाती है या हवा का प्रवाह अपर्याप्त होता है, तो इससे इंजन का इनटेक खराब हो जाता है, शक्ति कम हो जाती है और वाहन का ईंधन खपत काफी बढ़ जाता है।
कार के एयर फिल्टर की जांच आमतौर पर हर 10,000 किलोमीटर पर की जाती है और इन्हें 20,000 से 30,000 किलोमीटर पर बदला जाता है। यदि कार का उपयोग धूल भरे और खराब वायु गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में किया जाता है, तो रखरखाव का अंतराल तदनुसार कम कर देना चाहिए। इसके अलावा, विभिन्न ब्रांड मॉडल और इंजन प्रकारों के लिए एयर फिल्टर की जांच और बदलने का चक्र थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए रखरखाव से पहले रखरखाव मैनुअल में संबंधित प्रावधानों की जांच करने की सलाह दी जाती है।