ब्रेक डिस्क कास्टिंग
1. उत्पादन तकनीक: ब्रेक डिस्क कई प्रकार की होती हैं, जिनकी विशेषता पतली दीवार होती है और डिस्क व केंद्र रेत के कोर से निर्मित होते हैं। विभिन्न प्रकार की ब्रेक डिस्कों में डिस्क का व्यास, मोटाई और डिस्क के बीच की दूरी में अंतर होता है, साथ ही डिस्क हब की मोटाई और ऊंचाई भी भिन्न होती है। एकल-परत डिस्क की संरचना अपेक्षाकृत सरल होती है। ढलाई का वजन आमतौर पर 6-18 किलोग्राम होता है।
2. तकनीकी आवश्यकताएँ: ढलाई की बाहरी आकृति पूरी तरह से संसाधित होनी चाहिए, और अंतिम रूप देने के बाद उसमें संकुचन छिद्र, वायु छिद्र और रेत छिद्र जैसे ढलाई दोष नहीं होने चाहिए। धातु संरचना मध्यम परत प्रकार, ग्रेफाइट प्रकार, एकसमान संरचना और छोटे खंड संवेदनशीलता (विशेष रूप से कम कठोरता अंतर) वाली होनी चाहिए।
3. उत्पादन प्रक्रिया: अधिकांश घरेलू निर्माता क्ले सैंड वेट मोल्ड, मैनुअल टेम्पलेट मोल्ड और ग्रीस सैंड कोर का उपयोग करते हैं। कुछ निर्माता या कास्टिंग की कुछ किस्में ट्री कोटेड सैंड हॉट कोर बॉक्स प्रक्रिया का उपयोग करती हैं, और कुछ निर्माता मोल्डिंग लाइन पर कार डिस्क भी बनाते हैं। गलाने के लिए ज्यादातर क्यूपोला का उपयोग किया जाता है, और गलाने के लिए क्यूपोला और इलेक्ट्रिक फर्नेस का भी उपयोग किया जाता है। पिघला हुआ लोहा के रासायनिक संघटन के त्वरित मापन और इनोक्यूलेशन उपचार भट्टी के सामने ही किया जाता है ताकि किसी भी समय समायोजन किया जा सके। झूओ मेंग (शंघाई) ऑटोमोबाइल कंपनी लिमिटेड
मुझे उम्मीद है कि मैं इस तरह से आपकी मदद कर सकता हूँ।